सोमवार, 26 अगस्त 2013

अरमान दिल के जब



कुछ तो होंगा उसकी आखों में ।

इस कदर तो  कोई खामोश नहीं होता ।

नफरत प्यार हो जाये जब किसी से

इन्सान सोचने के लायक नहीं होता ।

कहते है कोशिश करने वालों की हार  नहीं होती ,

पर ये भी सच है हर किसी की कश्ती पार नहीं होती ।

फिर भी है इंतजार में नजरे बिछाये हम ।

अगर मंजिल तक ना पहुचे पायें  कदम

तो किसी का रास्ता ही बन जाये हम ।

------------------------------------------------------------------------------------लेखख  संतोष शर्मा






रविवार, 25 अगस्त 2013

खूबसूरत तोफ़हा

नजरे मिलिती है ,
    तो अश्क भी आतें है ।

पर  सोचा नहीं किसी ने
    पर सोचा नहीं किसी ने,

ये  खारे क्यों हो जाते है,
   शायर ने नहीं बताया
       महफ़िल में न जान पाया ।

शायद  ये समजाने
   ये खूबसूरत तोफ़हा   हमारी आँखों में भी आया


------------------------------------------------------------------------------  संतोष शर्मा