कुछ तो होंगा उसकी आखों में ।
इस कदर तो कोई खामोश नहीं होता ।
नफरत प्यार हो जाये जब किसी से
इन्सान सोचने के लायक नहीं होता ।
कहते है कोशिश करने वालों की हार नहीं होती ,
पर ये भी सच है हर किसी की कश्ती पार नहीं होती ।
फिर भी है इंतजार में नजरे बिछाये हम ।
अगर मंजिल तक ना पहुचे पायें कदम
तो किसी का रास्ता ही बन जाये हम ।
------------------------------------------------------------------------------------लेखख संतोष शर्मा