सोमवार, 21 जनवरी 2013

इक पल

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देखा उसे सोचा अभी .
होंगी उनसे मुलाकात कभी ।

इस बात से

इस बात से यारों सुबह हुई .
सुबह से फिर तो शाम हुई .......
शाम से फिर तो रात हुई ।

ये रात हमेशा रात रही ।
बेकार की सारी बात रही ।।

=============================संतोष शर्मा

जब वो साथ नहीं


जब वो साथ नहीं

मुश्किल  है कितना खुद को समझाना ,
दूर रहकर तुझ से मुस्कुराना ।

नजरें भी देखती  है झूठी तक़दीर ,
देखता हूँ खुद को नजर आएं उसकी तसवीर ।।

=========================================संतोष शर्मा

होता हूँ फुर्सत में

होता हूँ फुर्सत में ।

अंधेरे में जैसे रौशनी समाई ।
कागज़ के फूलों  से खुशबू सी आई ।।

यादों की महफ़िल में रहतें थे ज़ो कल ।
तन्हाई के आलम में कहतें है वों पल ।।

दूर नहीं है वो मुझसे  मान ले मेरे दिल ।
....
नहीं यंकी तो .....
बंद कर पलके और उनसे मिल ।।

+++++++++++++++++++++++++++++++++++++++संतोष शर्मा

शनिवार, 19 जनवरी 2013

नन्हा मुन्ना राही

नन्हा मुन्ना राही हूँ । देश का शिपाही हूँ ।

बोलो मेरे संग ..................:)


मुन्नी बदनाम  हुई डार्लिंग तेरे लिए  ।
शीला की जवानी डार्लिंग तेरे लिए  ।

सॉरी ...

जय हिन्द , जय हिन्द

बड़ा होकर देश का कुंवारा (सहारा) बनूगा ।
आगे ही आगे बडाऊँगा कदम ।








मंगलवार, 15 जनवरी 2013

AARAM

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पलक झपकते ही जिस के शाम होती है |
 होठ खुलते ही सारी कोशिश नाकाम होती है || 
बातें उसकी इतनी प्यारी सी | 
हर पल नई उमंगें जवान होती हैं "||

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बड़ी दी

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शेरनी   की  सी  होती आवाज़
कोई हो साथ तो दबते नहीं जस्बात ।।

बिल्ली से भी डर जाए वो ।
जब अँधरे में जाएँ वो ।।

किस्से उसके अलग ही रहते है ।
ग्रुप में सब उसे कहर कहते है ।।

गुस्सा जब उसे आता है ।
होम-एप्लायंसेस का दिल दहल जाता है ।।
रोने को जब वो आती है ।
बालटी भर ले कोई इतने आंसू बहाती है ।।


मुश्किल में हमेशा , बड़े प्यार से समझाती है ।
दूर है मुझसे पर बड़ी दी
..............................हर पल याद आती है ।।
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सोमवार, 14 जनवरी 2013

Ik pal ki Chahat

Converted in DEVNAGARI

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जुबां  का कहने में क्या जाता है ,
फिर भी दिल में य़ेः ख्याल आता है ।।
 .
कि शायद
की  शायद वो मुड़कर देखे ,
की  शायद शायद वो बात करें,

तन्हाई में हमेशा ... वो हमको याद करें ।।

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SaF Safai

मेरी बीबी    बड़ी  नादानं ।
करती  सुबह शाम वो काम ।

नहीं करने देती किसी को भी , आराम ।।

सुबह सुबह  जब वो देखे "डस्ट-बिन "  को

सपने उसके हो जाये  अंगूर से आम

दिल दहल जाये उसका

जोर जोर चिल्लाये त्राहिमाम  त्राहिमाम ।।