नजरे मिलिती है ,
तो अश्क भी आतें है ।
पर सोचा नहीं किसी ने
पर सोचा नहीं किसी ने,
ये खारे क्यों हो जाते है,
शायर ने नहीं बताया
महफ़िल में न जान पाया ।
शायद ये समजाने
ये खूबसूरत तोफ़हा हमारी आँखों में भी आया
------------------------------------------------------------------------------ संतोष शर्मा
तो अश्क भी आतें है ।
पर सोचा नहीं किसी ने
पर सोचा नहीं किसी ने,
ये खारे क्यों हो जाते है,
शायर ने नहीं बताया
महफ़िल में न जान पाया ।
शायद ये समजाने
ये खूबसूरत तोफ़हा हमारी आँखों में भी आया
------------------------------------------------------------------------------ संतोष शर्मा
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