सोमवार, 21 जनवरी 2013

इक पल

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देखा उसे सोचा अभी .
होंगी उनसे मुलाकात कभी ।

इस बात से

इस बात से यारों सुबह हुई .
सुबह से फिर तो शाम हुई .......
शाम से फिर तो रात हुई ।

ये रात हमेशा रात रही ।
बेकार की सारी बात रही ।।

=============================संतोष शर्मा

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