+++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++
पलक झपकते ही जिस के शाम होती है |
होठ खुलते ही सारी कोशिश नाकाम होती है ||
बातें उसकी इतनी प्यारी सी |
हर पल नई उमंगें जवान होती हैं "||
+++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें