ओ भोले भंडारी सुन ले ,
बात हमारी सुन ले।
वैसे तो मैं कुछ न मांगू ,
फिर भी दे दे दुनिया सारी।
दुःख के बंधन पास न आये ,
सुख के कँगन टूट न पाये।
सुबह रहे होली के रंग ,
शाम रहे रंगोली के संग।
ओ भोले भंडारी सुन ले ,
बात हमारी सुन ले।
### कवी संतोष शर्मा
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